नई दिल्ली, भारत (UNA) : आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए दाखिल रिटर्न में विदेशी संपत्ति और विदेश में अर्जित आय का खुलासा न करने वाले हजारों करदाताओं को चिह्नित किया है। विभाग ने करीब 25,000 ऐसे मामलों की पहचान की है और 28 नवंबर से इन्हें SMS और ई-मेल के माध्यम से चेतावनी संदेश भेजे जाएंगे। करदाताओं को 31 दिसंबर, 2025 तक संशोधित ITR दाखिल कर आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने की सलाह दी जाएगी।
पिछले वर्ष इसी तरह की कवायद में बड़ी संख्या में लोगों ने संशोधित रिटर्न पेश किए थे और विदेश स्थित संपत्ति तथा आय का खुलासा किया था, जिससे सरकार को अतिरिक्त कर संग्रह भी प्राप्त हुआ था।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि विदेशी संपत्तियों को छुपाना गंभीर उल्लंघन है और ऐसे मामलों में 30 प्रतिशत कर के साथ 300 प्रतिशत तक पेनल्टी लग सकती है। अधिकारियों का कहना है कि वैश्विक सूचना-आदान-प्रदान प्रणाली के माध्यम से विदेशी खातों और निवेशों का डेटा स्वचालित रूप से उपलब्ध हो रहा है, जिससे ऐसे मामलों का पता लगाना आसान हो गया है।
आयकर विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी विदेशी संपत्ति और आय का सही खुलासा करें, ताकि किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। - UNA









