मुंबई, भारत (UNA) : फार्मास्यूटिकल बाजार में अक्टूबर 2025 के दौरान खांसी और जुकाम की दवाओं की बिक्री में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उद्योग डेटा के अनुसार, यह पिछले तीन वर्षों में पहली बार है जब अक्टूबर की बिक्री मात्रा सितंबर से कम रही। आमतौर पर इस अवधि में तापमान में गिरावट और मौसमी संक्रमणों की वजह से खांसी-जुकाम की दवाओं की मांग तेजी से बढ़ जाती है, लेकिन इस बार स्थिति उलटी रही।
विश्लेषकों का मानना है कि खांसी और सिरप उत्पादों को लेकर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं ने उपभोक्ताओं और खुदरा विक्रेताओं दोनों को सतर्क बना दिया है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारत के औषधि नियामक निकायों ने कुछ सिरप ब्रांड्स की गुणवत्ता और घटकों पर सवाल उठाए थे। इसके चलते कई कंपनियों ने अपने उत्पादन और वितरण प्रक्रिया की समीक्षा भी शुरू की है।
फार्मा विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं के बीच विश्वास बहाल करने के लिए दवा कंपनियों को पारदर्शिता बढ़ाने और गुणवत्ता मानकों को और सख्त करने की आवश्यकता है। वहीं, खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि सर्दियों की शुरुआत के साथ अगले महीने बिक्री में सुधार देखने को मिल सकता है। - UNA















