नई दिल्ली, भारत (UNA) : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान दिवस समारोह के अवसर पर सुझाव दिया कि देश के संविधान को बच्चों तक दिलचस्प और समझने योग्य रूप में पहुँचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर संविधान के बारे में जानकारी सरल, सुगठित और जीवंत तरीके से दी जाए — जैसे बच्चों के लिए विशेष संस्करण के माध्यम से — तो युवा पीढ़ी में संवैधानिक जुड़ाव मजबूत होगा।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि संवैधानिक मूल्यों और कर्तव्यों को उस समय बच्चों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए जब उनकी सोच और समझ विकसित हो रही हो। इसके लिए संविधान विशेषज्ञ, बालसाहित्य लेखक और विभिन्न भाषाओं के विशेषज्ञ मिलकर काम कर सकते हैं।
उनका मानना है कि इस तरह की पहल से बच्चों में लोकतंत्र, कर्तव्य-बोध और नागरिक जिम्मेदारियों की भावना जागृत होगी। साथ ही, उन्होंने न्याय प्रणाली तक बराबर पहुँच और वंचित वर्गों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया। - UNA















