नई दिल्ली, भारत (UNA) : दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर को लेकर पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी ने एक संरचित और जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किए जाने वाले मॉडल की आवश्यकता पर जोर दिया है। बेदी का कहना है कि लगातार बिगड़ती हवा सिर्फ मौसमी कार्रवाई से नियंत्रित नहीं की जा सकती, बल्कि इसके लिए स्पष्ट भूमिका, ज़िम्मेदारियाँ और समयसीमा के साथ एक स्थायी ढांचा तैयार होना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक बहु-स्तरीय योजना बनाई जाए, जिसमें स्थानीय निकायों, स्कूलों, आरडब्ल्यूए, यातायात विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल किया जाए। बेदी के अनुसार, प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, निगरानी और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई को अनिवार्य रूप से सिस्टम में जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता की भागीदारी इस संकट से निपटने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। इसके लिए जागरूकता अभियानों, सामुदायिक पहलों और तकनीकी समाधानों को व्यापक रूप से लागू किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुझावों का प्रभावी क्रियान्वयन राजधानी की वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बना सकता है। - UNA















