शिमला, हिमाचल प्रदेश (UNA) : राज्य सरकार और हिमाचल प्रदेश चुनाव आयोग के बीच टकराव एक बार फिर सामने आया है। हालिया विवाद स्थानीय निकायों की सीमांकन प्रक्रिया और चुनाव कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसे लेकर आयोग ने सरकार पर अनावश्यक हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। आयोग का तर्क है कि चुनावी ढांचे से संबंधित किसी भी बदलाव का अधिकार संविधान के तहत स्वतंत्र निकायों के पास सुरक्षित है।
वहीं, सरकार का कहना है कि विकास योजनाओं और प्रशासनिक पुनर्गठन के चलते सीमांकन संशोधन आवश्यक है और यह कदम कानूनी दायरे में आता है। इस मतभेद के कारण निकाय चुनावों की संभावित समयरेखा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह टकराव पिछले साल हुए विवाद की याद दिलाता है, जब दोनों पक्ष अधिकार क्षेत्र और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर आमने-सामने आए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और स्थानीय समीकरणों के कारण ऐसे तनाव बार-बार उभर रहे हैं।
स्थिति पर नजर रखते हुए आयोग ने अपनी स्वायत्तता बनाए रखने के संकेत दिए हैं, जबकि सरकार संवाद के जरिए समाधान तलाशने की बात कर रही है। - UNA















