अहमदाबाद, गुजरात (UNA) : राज्य में तीन दशकों से अधिक समय बाद बाघ की मौजूदगी की पुष्टि ने वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों को उत्साहित कर दिया है। 1989 के बाद पहली बार किसी बाघ के गुजरात में दिखने की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जो हाल के सर्वेक्षणों और कैमरा ट्रैप रिकॉर्डिंग में रतनमहल वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में दिखाई दिया।
वन अधिकारियों ने बताया कि हालिया वीडियो और पदचिह्नों के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि यह बाघ केवल गुजर नहीं रहा, बल्कि रतनमहल के घने जंगलों में स्थायी आवास बनाने की कोशिश कर रहा है। क्षेत्र की भौगोलिक संरचना और उपलब्ध शिकार प्रजातियाँ उसके लिए अनुकूल मानी जा रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना गुजरात की वन्यजीव संरक्षण क्षमता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य लंबे समय से सिंहों और तेंदुओं के संरक्षण मॉडल के लिए जाना जाता है, लेकिन बाघ की यह अप्रत्याशित वापसी जैव विविधता में एक दुर्लभ संतुलन जोड़ सकती है।
फिलहाल वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और बाघ की गतिविधियों को सुरक्षित दूरी से ट्रैक करने के लिए अतिरिक्त कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। - UNA














