श्योपुर, मध्य प्रदेश (UNA) : कूनो नेशनल पार्क में भारतीय मूल की एक मादा चीता ने पाँच स्वस्थ शावकों को जन्म देकर भारत के चल रहे चीता पुनर्वास प्रयास में नई आशा जगाई है। अधिकारियों के अनुसार, देश में जन्मी चीता द्वारा प्राकृतिक वातावरण में सफल प्रजनन इस परियोजना के लिए पहली बड़ी उपलब्धि है।
वन विभाग ने बताया कि मादा चीता की लगातार निगरानी से पता चला कि वह बीते महीनों से अपने अनुकूलित क्षेत्र में स्थिर रूप से रह रही थी, जिसके बाद प्रजनन की संभावना मजबूत हुई। पार्क में उपलब्ध शिकार प्रजातियों और सुरक्षित आवास ने इस प्रक्रिया को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने में मदद की।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि कूनो का पारिस्थितिक तंत्र चीतों के दीर्घकालिक अस्तित्व का समर्थन करने में सक्षम है। पुनर्वास परियोजना लंबे समय से देश में चीतों की स्थायी आबादी तैयार करने के लक्ष्य के साथ चल रही है।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल शावकों और मादा चीता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, और उन्हें मानव हस्तक्षेप से दूर प्राकृतिक परिस्थितियों में रहने दिया जा रहा है। - UNA














