कैलिफ़ोर्निया, अमेरिका (UNA) : दुनिया के सबसे गर्म क्षेत्रों में गिने जाने वाली डेथ वैली में एक स्थानीय झाड़ी वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का प्रमुख विषय बनी हुई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह पौधा अत्यधिक तापमान, सीमित नमी और तेज़ धूप जैसे कठोर वातावरण में भी अपनी अनोखी संरचना के कारण जीवित रह पाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस झाड़ी की पत्तियाँ बेहद छोटी होती हैं, जो वाष्पीकरण को कम करती हैं। साथ ही इसकी जड़ें गहराई तक फैली रहती हैं, जिससे यह जमीन में मौजूद सूक्ष्म नमी को भी अवशोषित कर लेती है। पौधे की मोम जैसी सतह उसे गर्मी से बचाती है और धूप का एक हिस्सा परावर्तित कर देती है।
शोध दल का मानना है कि ऐसे पौधों की समझ बढ़ने से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करने वाली नई प्रजातियों या कृषि तकनीकों के विकास में मदद मिल सकती है।
वनस्पति वैज्ञानिक इस अनुकूलन को रेगिस्तानी पारिस्थितिक तंत्र की “जीवटता का उत्कृष्ट उदाहरण” मान रहे हैं और इस प्रजाति पर आगे भी अध्ययन जारी रखने की तैयारी कर रहे हैं। - UNA














