पर्थ ( UNA ) : एशेज़ सीरीज़ की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के लिए भले ही रोमांचक रही हो, लेकिन पहले दिन पर्थ की पिच ने क्रिकेट जगत में बड़ी बहस छेड़ दी। महज़ एक दिन में 19 विकेट गिरने के बाद विशेषज्ञों, पूर्व खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने पिच की प्रकृति पर गंभीर सवाल उठाए, कई लोगों ने इसे “डबल स्टैंडर्ड” और “पीक हिपॉक्रेसी” करार दिया।
नाराज़गी का एक कारण यह भी रहा कि हाल ही में कोलकाता की पिच को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने कड़ी आलोचना की थी, जबकि पर्थ में हुए असामान्य गेंदबाज़ी-हितैषी हालात पर वही तीखी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। आलोचकों ने इसे पिच मूल्यांकन में असमान नज़रिए का उदाहरण बताया।
मैच अधिकारियों ने पिच को “चुनौतीपूर्ण लेकिन खेलने योग्य” बताया, हालांकि खिलाड़ियों ने उछाल और अनियमित मूवमेंट को लेकर असहजता जताई। पहले दिन के खेल ने यह संकेत दे दिया है कि यह टेस्ट तेज़ गेंदबाज़ों के लिए अनुकूल परिस्थितियों में आगे बढ़ सकता है। - UNA















