पाम बीच, फ्लोरिडा (UNA) : – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कॉलेज एथलेटिक्स में नेम, इमेज और लाइकनेस (NIL) डील्स को लेकर एक कार्यकारी आदेश (Executive Order) जारी करने पर विचार कर रहे हैं। यह कदम अलबामा यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध फुटबॉल कोच निक सेबन से मुलाकात के बाद सामने आया है। सेबन ने ट्रंप के साथ बातचीत में NIL से पैदा हो रही असमानता और कॉलेज खेलों की स्थिरता पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चिंता जाहिर की।
यह बैठक ट्रंप के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में हुई थी, लेकिन इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, सेबन ने इस बात पर जोर दिया कि NIL डील्स के चलते बड़े-बड़े कॉलेज अपनी प्रभावशाली एलुमनी नेटवर्क और प्रायोजकों की मदद से खिलाड़ियों को मोटी रकम देने में सक्षम हैं, जबकि छोटे संस्थान पीछे छूट रहे हैं। इससे भर्ती (recruitment) में असंतुलन और कॉलेज खेलों में पारंपरिक शौकिया भावना (amateurism) को गहरा आघात पहुंच रहा है।
NIL को लेकर यह चिंता सिर्फ सेबन तक सीमित नहीं है। कई कोच और विश्लेषक मानते हैं कि NIL नियमों की तेज़ी से हुई ढील और राज्यों के बीच एकरूपता की कमी ने कॉलेज एथलेटिक्स को अस्थिर बना दिया है। अमीर संस्थान इस व्यवस्था का भरपूर फायदा उठा रहे हैं, जिससे एक तरह का "हैव्स और हैव-नॉट्स" जैसा माहौल बन गया है।
अगर ट्रंप कार्यकारी आदेश जारी करते हैं, तो इसके विभिन्न रूप हो सकते हैं:
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NIL डील्स के लिए संघीय दिशानिर्देश निर्धारित करना,
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भुगतान की सीमा तय करना,
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भर्ती प्रक्रियाओं में सख्ती लाना,
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या NIL से अर्जित आय पर कर स्पष्टता लाना।
हालांकि, ऐसा कोई भी आदेश कानूनी जटिलताओं से अछूता नहीं रहेगा। NCAA की कॉलेज खेलों पर कानूनी पकड़ पहले से ही सवालों के घेरे में है। संघीय हस्तक्षेप से यूनिवर्सिटीज़, एथलेटिक कॉन्फ्रेंसेज़ और खिलाड़ियों के साथ लंबे कानूनी संघर्ष की आशंका है।
इस प्रस्तावित कदम ने पहले से ही तीखी बहस को जन्म दे दिया है। समर्थकों का कहना है कि इससे कॉलेज खेलों में निष्पक्षता लौटेगी, जबकि विरोधी चेतावनी दे रहे हैं कि यह हस्तक्षेप खिलाड़ियों की नई मिली वित्तीय स्वतंत्रता को खत्म कर सकता है।
आगामी सप्ताहों में NIL को लेकर ट्रंप की मंशा पर और अधिक चर्चा और विवाद होने की संभावना है, जो यह तय करेगी कि कॉलेज खेलों का भविष्य कौन-सी दिशा लेगा। - UNA